धर्म की पराकाष्ठता एवं प्रबलता । Highness and power of religion

 किसी धर्म की पराकाष्ठता एवं प्रबलता उसकी उत्तम न्याय दृष्टि है। बिना द्वेष के बिना ईर्ष्या के लोगों को स्वीकार करना एवं धर्म के अनुकूल व्यवस्थित करना है। देश का भविष्य निश्चित रूप से इस पर निर्भर करता है। जिस देश में गृहयुद्ध चलता रहता हो क्या वो उन्नत हो सकता है?

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